स्क्रोफोलोसोस-3डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल , बी0 एच0 एम0 एस0 , एम0 डी0

 

                                                      स्क्रोफोलोसोस-3

   


क्र0

औषधिय पौधों के नाम

उपयोग मात्रये

1

COCHLERIA  OFFICINALIS

25

2

HYDRASTIS  CANADENSIS

25

3

 matricaria CHAMOMILLA

10

4

 NASTURTIUM  OFFICINALE

5

5

RHEUM PALMATUM 

5

6

SCROFULARIA  NODOSA

29

7

TUSSILAGO  FAREFARA

5

8

SMILAX  MEDICA

15

9

VERONICA  OFFICINALIS

5

इस दवा का प्रभाव त्‍वचा एंव सेंसरी नर्व अर्थात संवेदनशील नर्व पर होने से यह त्‍वचा रोग एंव संवेदन शील नसों पर कार्य करती है , यह स्‍पर्श शक्ति को उत्‍तेजित करती है , इसलिये जननेन्‍द्रीय के रोग एंव निर्वलता तथा नामर्दी की विषेश औषधीय है, यह दवा नाडियों को शक्ति प्रदान करती है, एंव रसों को सशक्‍त करती है । इसका प्रभाव स्‍पाईनल कार्ड पर होने से दोनो नर्व मोटर नर्व एंव सेंसरी नर्व एंव उनके आर्गस पर यह दवा अच्‍छा कार्य करती है । इस दवा का प्राकृतिक गुण कठमाला नाशक एंव बल बलवर्धक है एंव नाडीयों को शक्ति प्रदान करती है । यह दवा विशेष रूप से स्‍पर्श शक्ति को उत्‍तेजित करती है । यह दवा अमाश्‍य एंव पित्‍ताश्‍य पर अच्‍छा कार्य करती है ।

त्‍वचा रोग:-  त्‍वचा रोग से जुडी समस्‍याओं पर जैसे मस्‍से, मुंहासे, दाने निकलना, खुजली, एक्‍जीमा, सोराईसिस, एलर्जी, कोर्न, इस दवा का प्रभाव त्‍वचा के वाहय एंव अंतरिक हिस्‍सों में होने से यह त्‍वचा के समस्‍त प्रकार के रोगों मे प्रयोग की जाती है, विशेष कर जिद्दी प्रकार के त्‍वचा रोगों में । नये प्रकार के त्‍वचा रोगों में सबसे पहले एस-5 का प्रयोग फिर एस-1 एल ग्रुप की दवाओं का प्रयोग करना चाहिये इसके साथ एफ-1 या एस-10 का प्रयोग करना चाहिये फिर अंत में एस-3 का प्रयोग करना चाहिये । त्‍वचा पर किसी भी प्रकार के दाने निकलने पर , उसमें पस निकलना, सोराईसिस, हर्पिज,

स्‍त्री पुरूषों के जननेन्‍दीय रोग:-   सेंसरी नर्व पर प्रभावी होने से इसका असर स्‍त्री पुरूषों के जननेन्‍द्रीय सम्‍बधित रोग जैसे धातु क्षीणता, निर्बलता, यह दवा नशों को शक्ति प्रदानकरती है , जननेन्‍द्रीयों के रोग, जननेन्‍द्रीयों की कमजोरी,  सुजाक का दब जाना, स्‍त्रीयों में मासिक के समय पीडा, डिम्‍ब ग्रथियों के रोग, गर्भाश्‍य की समस्‍यायें , यह दवा ऐसे रोगीयों के लिये जो जननेन्‍द्रीय नि‍र्बलता के शिकार है उनके लिये यह अत्‍यन्‍त लाभदायक औषधी है इस दवा का प्रभाव स्‍पाईनल नर्व पर होने से यह न्‍यूरस्‍थेनिया रोग एंव पुरूषों के लिगं की मुख्‍य दवा है ,प्रोस्‍टेट की समस्‍या पर भी यह दवा अपनी सहायक औषधियों के साथ प्रयोग करने पर बहुत अच्‍छे परिणाम देती है । सेंसरी नर्व के डेमेज होने पर हिद्रय से सम्‍बधित समस्‍याओं में, वेनेरियल रोगों में इसका प्रयोग वेन के साथ कर अच्‍छे परिणाम प्राप्‍त किये जा सकते है । डिम्‍बग्रंथियों के रोग में,माहवारी के समय पैरों में ऐठन व र्दद होना ,

 पाचन संस्‍थान के रोग:- यह दवा आंतों की म्‍यूकस मेम्‍बरेन पर अपना प्रभाव रखने के कारण उसके कार्यो को शिथिल कर देता है, इससे कब्‍ज हो जाता है इसलिये इसका प्रयोग पानी की तरह के पतले दस्‍त, पेचिस,  में किया जाता है, आंतों का उतर जाना , आमाश्‍य की पीडा एंव पाचन सम्‍बधी सभी रोगों में अपनी सहायक औषधियों के साथ प्रयोग की जाती है । हिचकी आना, आंतों के क्षय रोग में , पेट में ऐठन होना, हार्निया रोग (आंतों का उतर जाना)

बच्‍चों के रोग:- बच्‍चों के सूखा रोग में एंव ऐसे बच्‍चे र्दुबल हो साथ ही चलना देर से सीखे , बच्‍चों के दांत निकलते समय पतले दस्‍तों में, बच्‍चों में मिर्गी रोग,

र्दद:-     यह दवा मांसपेशियों के र्दद ,साईटिका के र्दद, कमर के र्दद, सर्वाईकल पेन में सी-4 के साथ, जोडों के दर्द , हाथ पैरो में र्दद, सिर में र्दद , ऐसे व्‍यक्तियों के सिर र्दद में जो नशा करते है या अत्‍याधिक पढते हो जोडों में गुल्थियॉ पडना, रीड की हड्डी से सम्‍बधित रोगों में, टांसिल के र्दद में, जल जाने ,कुचल जाने, खुरच जाने, धॉव टांसिल के र्दद आदि में इसका वाहय एंव अंतरिक प्रयोग कर उचित परिणाम प्राप्‍त किये जा सकते है ।  

अन्‍य रोग:- साईटिका नर्व, ऑख,कान, गला पैराथाईराई, आंतों, थायराईड, बजन बढने पर,कान का बहना, इस दवा का प्रभाव अंण्‍डकोष एंव पेडू पर भी है । जीभ का कठोर हो जाना,

 डायल्‍युशन का प्रयोग:-   जैसा कि इसका प्रथम डायल्‍युशन तीब्र असर कारक होता है इसलिये इसका प्रयोग त्‍वचा से दांनों के पस को निकालने के लिये किया जाता है , पुरूषों के इंम्‍पोटेंसी में,

दूसरा डायल्‍युशन :- इसका दूसरे डायल्‍युशन का प्रयोग बच्‍चों के सूखा रोग में, दुर्बल बच्‍चों मे, हाथ पैरों के र्दद में , सिर र्दद , त्‍वचा रोग एक्‍जीमा , सोराईसिस,  साईटिका का र्दद में

                                             

तीसरा डायल्‍युशन:- इसके तीसरे डायल्‍युशन का प्रयोग दस्‍त, पेचिस,पुरानी बीमारी , बबासीर कठमाला, थाईराईड, बजन घटाने में, कान से पस निकलने पर

हायर डायल्‍युशन:- इसके हायर डायल्‍युशन का प्रयोग जब सेंसेसन खत्‍म हो जाये , पुरानी पेचिस में , इसके उच्‍च डायल्‍युशन इम्‍पोटेसी इंम्‍प्रु में अच्‍छा कार्य करती है ।   

 

                       डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल

          बी0 एच0 एम0 एस0 , एम0 डी0 (ई0)

             जन जागरण चैरीटेबिल क्लीनिक

   हीरो शो रूम के बाजू बाली गली नर्मदा बाई स्‍कूल

               बण्‍डा रोग मकरोनिया सागर म0प्र0

           खुलने का समय 10-00 से 4-00 बजे तक

                                मो0-9300071924

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