फेब्रीफ्यूगो-1 वैसे तो इस दवा का प्रयोग साधारणत: बुखार व र्दर्दो के लिये बडे ही विश्वास के साथ किया जाता है । इस दवा का प्रभाव हमारे नर्व सिस्टम पर होता है इसका प्रमुख प्रभाव हमारे शरीर की अनैच्छीक या स्वाचलित स्नायु पर है अर्थात ऐसे नर्व जो स्वयम चलते है जिस पर हमारा अधिकार नही होता जैसे हिद्रय का धडकना , रक्त नलिकाओं का रक्त संचालन , पाचन संस्थान के कार्य , पेनक्रियास , अमाश्य , डियुडिनम , हिद्रय , फेफडे , ऑखो के एक्युलो मोटर नर्व , स्लाईवरी गैल्डस , ग्लोसो फैरिजियल स्नायु , इत्यादी और भी बहुत से अंग है जिन पर हमारा अधिकार नही होता इन्हे अनैच्छिक नर्व कहते है , इसके साथ ही इस दवा का प्रभाव ऐक्छिक नर्व पर भी है ऐक्च्छिक नर्व पर भी है , ऐच्छिक नर्व पर हमारा अधिकार होता है जैसे पेशाब या मल त्याग करना , बोलना , चलना , ऑखों को बन्द करना या खोलना , आदि इसके साथ इस दवा का प्रभाव सिम्फाईटिक नव , प...
Comments
Post a Comment