स्क्रोफोलोसोस-11 या (माल डी मर)
स्क्रोफोलोसोस-11 या (माल डी मर)
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क्र0 |
औषधिय पौधों के नाम |
उपयोग मात्रये प्रतिशत में |
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1 |
COCHLEARIA
OFFICINALIS |
10 |
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2 |
HYDRASTIS CANADENSIS
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30 |
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3 |
LOBELIA INFLATA (Tobacco, Tambakhu)
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5 |
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4 |
MATRICARIA CHAMOMILLA
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10 |
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5 |
MELISSA OFFICINALIS
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30 |
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6 |
SCROPHULARIA NODOSA
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5 |
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7 |
SARSAPARILLA (SMILAX MEDICA) |
5 |
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8 |
TUSSILAGO FARFRA
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5 |
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9 |
VERONICA
OFFICINALIS
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5 |
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10 |
NASTURTIUM OFFICINALIS
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4 |
स्क्रोफोलोसोस-11 का विशेष प्रभाव वेगस नर्व के
साथ अमाश्य ,गले की नर्व ,स्पाईनल नर्व, सैरीब्ररल, पिट्टूरी
ग्लैड, इसोफईगस, पर है
। यह दवा हर प्रकार की उल्टी में प्रयोग की जाती है जैसे कुछ लोगों को यात्रा
करते समय उल्टीयॉ आती है या किसी किसी को झूले में बैठने से उल्टीयॉ होने लगती
है , कहने का अर्थ है यह दवा सभी किस्म की उल्टीयों
में प्रयोग की जाती है जैसे सूखी या उल्टी की इक्च्छा होना परन्तु उल्टी न हो
या गर्भावस्था की उल्टी , उल्टी
के गंध से उल्टी होना ,अतरिक्त इसका
प्रयोग स्क्रबी रोग में भी होता है यह दवा स्क्रबी रोग की महाऔषधी है,स्क्रबी
रोग विटामिन सी की कमी से होता है, यह दवा
विटामिन सी की कमी को पूरा करती है एंव विटामिन सी की वजह
से जो भी रोग हो उसमें इसका प्रयोग किया जाता है । मुंह के रोग जैसे मसूढों से खून
आना मसूढों में सूजन यह दवा मुंह के धॉवों को भरती है मुंह में किसी भी तरह की
इंजूरी होने पर , हर्मोनल इनबैलेंस में , चक्कर आना, तंत्रिका तंत्र से जुडी समस्याओं पर, फोडे ऐसे धॉव जो न भर रहे हो, किसी भी प्रकार के
नशे की आदत को छूडाने में या नशे के कारण जो भी बीमारीयॉ हो उसमें इसका प्रयोग
करना चाहिये । यह दवा टॉक्सीसिटी को कम करती है ऑख कान गला गुदा मार्ग से रिसाव , विटामिन सी की कमी से बालों की समस्या या लाल रक्त कणिकाओं की कमी , दिमाकी समस्याये, जैसे रात में नीद न आना, माथे पर बोझ सा महशूस होना, माईग्रेन, याददास्त का कमजोर होना, मिर्गी रोग
में भी इसका प्रयोग अन्य सहायक औषधियों के साथ कर अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा
सकते है । यह दवा अपनी सहायक औषधियों के साथ लीवर एंव किडनी पर भी अच्छा कार्य
करती है । इस दवा का प्रभाव भोजन नली, मूत्राश्य, गर्भाश्य ,पर भी है ।
डायल्युशन:-
पहला डायल्युशन हर तरह के नशे को छुडाने में,
दूसरा
डायल्युशन:-किसी भी तरह की उल्टी में, गर्भावस्था में
उल्टीयॉ, सूखी या यात्रा करते समय उल्टी होना या उल्टी की
इक्च्छा का बने रहना ,
तीसरा
डायल्युशन:- शरीर में आये हर्मोनल इन बेलेंस में, मिर्गी , या मिर्गी के दौरे में , दिमाकी परेशानी, याददास्त से जुडी समस्याओं पर
अनुभव
डॉ0 ढीगरा सहाब का वे कहते है हाई बढाने में सी-4, आर ई, के साथ एस-11 का प्रयोग करना चाहिये क्योकि
यह विटामिन सी की कमी को पूरा करती है एंव हड्डीयों के विकास में सहायता करती है
।
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