कैंसरोसो-15 (सी-15) या लार्ड-1
कैंसरोसो-15
(सी-15) या लार्ड-1
कैंसरोसो-15 निम्न
वनस्पितियों को मिश्रित कर बनाई गयी है ।
|
क्र0 |
औषधिय पौधों के
नाम |
उपयोग मात्रये |
|
1 |
CONIUM MACULATUM |
30 |
|
2 |
MARASDENIA
CONDURANGO
|
30 |
|
3 |
PIMPINELLA SAXIFRAGE |
10 |
|
4 |
RHUS TOXICODENDRON |
20 |
|
5 |
STRYCHNOS
NUX VOMICA (Kuchla)
|
20 |
|
6 |
VINCITOXICUM OFFICINALIS |
10 |
इस दवा का प्रभाव अमाश्य पर है यह दवा भी कैंसरोसो समूह की औषधियों की तरह सैल्स तथा टिश्यू रिमेडिज है । यह अमाश्य के हर प्रकार के रोगो में जैसे अमाश्य का सिकुड या फैल जाना , पाचन रसो में आई गडबडी ,ऑतों के रोग , पेट में गैस बनना , ऐसेडिटी , मेटाबोलिज्म का ठीक से कार्य न करना , अमाश्य व पाक स्थली में जलन , पाचन क्रिया की समस्याये , हिचकी आना , अमाश्य में धॉव ,अल्सर ,फोडा टयूमर , आदि में इसका प्रयोग अपनी सहायक औषधियों के साथ करने से अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते है । भोजन का निगला न जाना पाचन रसो की गडबडी से उत्पन्न समस्त बीमारीयों में इसका प्रयोग अपनी अन्य सहायक औषधियों के साथ करने से अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते है । यह दवा हर प्रकार के हार्निया में उपयोगी है , पाचन दोष या पित्त की वजह से होने बाले सिर र्दद में , ऑतों के रोगों में , सख्त कब्ज या दस्तों का होना , पेट में मरोड लग कर लेटरिग होना , भूख न लगना , मंदागनी, गले में या पेट में कुछ फंसा हुआ सा लगना , पेट व आतों का कैंसर अल्सर हार्निया रोग की यह उत्तम दवा है ।
इस
दवा का प्रभाव अमाश्य पर है यह दवा भी कैंसरोसो समूह की औषधियों की तरह सैल्स तथा
टिश्यू रिमेडिज है । यह अमाश्य के हर प्रकार के रोगो में जैसे अमाश्य का सिकुड
या फैल जाना , पाचन रसो में आई गडबडी ,ऑतों के रोग , पेट में गैस बनना , ऐसेडिटी ,
मेटाबोलिज्म का ठीक से कार्य न करना , अमाश्य व पाक स्थली में जलन , पाचन क्रिया
की समस्याये , हिचकी आना , अमाश्य में धॉव ,अल्सर ,फोडा टयूमर , आदि में इसका
प्रयोग अपनी सहायक औषधियों के साथ करने से अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते है
। भोजन का निगला न जाना पाचन रसो की गडबडी से उत्पन्न समस्त बीमारीयों में इसका
प्रयोग अपनी अन्य सहायक औषधियों के साथ करने से अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा
सकते है । यह दवा हर प्रकार के हार्निया में उपयोगी है , पाचन दोष या पित्त की
वजह से होने बाले सिर र्दद में , ऑतों के रोगों में , सख्त कब्ज या दस्तों का
होना , पेट में मरोड लग कर लेटरिग होना , भूख न लगना , मंदागनी, गले में या पेट
में कुछ फंसा हुआ सा लगना , पेट व आतों का कैंसर अल्सर हार्निया रोग की यह उत्तम
दवा है ।
पेट में जलन, उल्टी , क्रोनिक गैस, एसोफेगस के अवरोध को यह दूर करती है एव भूख को बढाती है
डायल्युश्न
का प्रयोग :- प्रथम डायल्युश्न पाचक रसो को बढाती है मंदागनी या भूख कम लगना, कब्ज
को दूर करती है ।
दूसरा
डायल्युश्न :- पाचन रसो को नियमित करती है गैस व ऐसिडिटी में ,जलन व मरोड के साथ
दस्त लगना
तीसरा
डायल्यश्न :- अमाश्य का कैंसर गाढों हार्निया हार्निया के र्ददों मे, पेट में
र्दद , अमाश्य में र्दद , अमाश्य व पाचन क्रिया के पूराने रोगों में
अनुभव
:- एस-2 एंव सी-15 प्रथम डायल्युश्न में पाचन क्रिया की गडबडी को दूर करती है
एंव भूख लगाती है ।
डॉ0 सत्यम सिंह चन्देल
बी0 एच0 एम0 एस0, एम0 डी0 (ई0)
जन जागरण चैरीटेबिल हॉस्पिटल
हीरो शो रूम के बाजू बाली गली नर्मदा बाई स्कूल
बण्डा रोग मकरोनिया सागर म0प्र0
खुलने का समय 10-00 से 4-00 बजे तक
मो0-93000719 मो0 9926436304
Comments
Post a Comment