अकुआ पर ला पेली APP

 

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इस औषधी में उपयोग की जाने वाली वनस्‍पतियों का विवरण निम्‍नानुसार है

क्र0

औषधिय पौधे

अन्‍य नाम

मात्रा

उपयोग

1

ARNICA MONTANA 

बुल्फ्रस वैन, लेपछर्डस वैन,माउटेन तम्बाखू

10

मांसपेशियों के र्दद सूजन गठिया एंव र्दद वाले फोडा फुंसियों में

2

EVONYMUS  EUROPAEUS

Spindle Tree, एयूओनिमस युरोपियस

5

खुजली त्‍वचा रोग

3

 PINUS  NIGRA

बिरोजा , ब्लैक पाईन आस्ट्रियन पाईन ,

20

सूर्य की प्रकाश से उत्‍पन्‍न त्‍वचा रोग ,मुंहॉसे ,मुंह में छॉले,ऑखों की रोशनी बढाने में त्‍वचा पर दॉग धब्‍बे ,बालों के झडने

4

SCROFULARIA  NODOSA

Knotted Fig wort

20

चर्म रोग ,एग्‍जिमा,ऑखों के धब्‍बे, ग्रथियो की वृद्धि

5

SMILAX  MEDICA (Sarsaperilla)

उशब कुमारिका,उशब मगरबी,,वनमधुस्नाही

5

रक्‍त शोधक,चर्मरोग ,सूजन , सोराईसिस,सिफलिस में स्‍कीन रोग, जीभ में छॉले

`6

TARAXCUM  OFFICINALIS

लियोन्टोडन तारैक्सैकम, सिंहपर्णी

10

सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाता है,त्‍वचा रोग ,एग्‍जिमा

7

VINCA MINOR                      

Common Name Periwinkle पेरिविंकल)

10

संक्रामणरोधी,त्‍वचा की अत्‍याधिक खुजली व जलन ,चर्मरोग

8

VITIS  VINIFARA                  

द्राक्षा ,अंगूर,आम अंगूर यूरोपीय वाइन

20

रक्‍त बढाता है ,रक्‍त को शुद्ध करता है

 

 

 

     ए0पी0पी0 को त्‍वचा जल भी कहते है, यह इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक की मूल औषधी है । यह दवा त्‍वचा रोगों के लिये उपयोग होने वाली दवा है , इसका उपयोग कील, मुंहासे, दॉग धब्‍बे, छाईयॉ, कार्न, मस्‍से, गाठे, फोडा फुंसी, एग्‍जीमा, सोराईसिस, ल्‍युकोडर्मा, सर्दीयों में त्‍वचा के रूखेपन में, गर्मीयों में सूर्य की किरणों से होने वाले त्‍वचा रोगों में गर्मी की वहज से त्‍वचा अपनी स्‍वाभाविक चमक खो कर सावली हो गयी हो तो इसके अंतरिक व वाहय प्रयोग से लाभ होता है । इस दवा का उपयोग चहरे को स्‍निग्‍ध, मुलायम, चमकदार बनाने के लिये भी इसका उपयोग किया जाता है , परन्‍तु इसे एस-5 के साथ प्रयोग किया जाये तो परिणाम बहुत अच्‍छे मिलते है इसका उपयोग वाहय एंव अंतरिक रूप से कर परिणाम आशानुरूप प्राप्‍त किये जा सकते है । यह दवा त्‍वचा को हेल्‍दी बनाती है । इस दवा के कंटेंट में कुछ ऐसी वनस्पतिय सम्‍मलित है जो ऑखों के रोगों में भी कार्य करती है जैसे ऑखों में किरकिरी होना, ऑखों का धुधलापन, यह दवा ऑखों की रोशनी बढाती है ।  यह दवा त्‍वचा रोगों के साथ बालों की समस्‍याओं पर भी उपयोगी है इसमें उपयोग की जाने वाली कई वनस्‍पतियों में बालों की समस्‍याओं पर कार्य करती है । बालो का झडना, बालों में चकते पडना , इसके उपयोग से बालों में स्‍वाभाविक चमक आती है । सर्दियों में ऐडी का फटना, क्रेक पडना, बिवाईयों में तथा यह बिवाईयों को भरने में भी उपयोगी है इसका उपयोग अंतरिक एंव वाहय रूप से कर उचित परिणाम प्राप्‍त किये जा सकते है । यह दवा याददास्‍त को बढाती है इसका उपयोग डी-3 में इसके उपचार में करना चाहिये , यह दवा चहरे व त्‍वचा को सुन्‍दर चमकदार स्‍निग्‍ध बनाने में एंव सावलापन दूर करने व त्‍वचा को गोरा बनाने में उपयोगी है । यह र्दद नाशक के रूप में भी कार्य करती है ,मसल्‍स पेन व रक्‍त स्‍त्रावों व रक्‍त बहने को रोकती है रक्‍त के बहने पर बी0ई0 के साथ प्रयोग करने पर उचित परिणाम प्राप्‍त किये जा सकते है । प्रत्‍येक व्‍यक्ति स्‍कीन टॉनिक के रूप में इसका प्रयोग वाहय रूप से कर सकता है । यह दवा मुंह जीभ के छॉलों के लिये भी उपयोगी है । त्वचा को गोरी व स्निग्ध बनाने व बालों के झडने सफेद होने तथा बालों में चमक लाने के लिये इसका बाह्य उपयोग अर्थात लगाते है तथा नाभी पर इसकी दो चार बूंदे डालते है इससे परिणाम आशानुरूप प्राप्त किये जा सकते है ,कील मुहासे व त्चचा रोग से छुटकारा पाने के लिये इसके लगाने के साथ नाभी पर दो चार बूदें सोते समय अवश्य डालना चाहिए इसे परिणाम जल्दी मिलता है नाभी पर इसका उपयोग बिना किसी रोग के भी करने से त्वचा हेल्दी व मुलायम चमकदार होती है । इस दवा का प्रयोग आंतरिक एव बाह्य दोनों तरीके से किया जा सकता है ।

डायल्‍युशन का प्रयोग:- प्रथम डायल्‍युशन का प्रयोग मासिकधर्म को चालू करने में , बदबूदार स्‍त्रावों तथा त्‍वचा पर होने वाले असमान्‍य गाठों को गलाने में

दूसरा डायल्‍युशन - एग्‍जीमा, सोराईसिस, खुजली, आटिकेरिया आदि में

तीसरा डायल्‍युशन- पुराने जीर्ण रोगो में ल्‍युकोर्डमा,

हायर डायल्‍युशन – कैसर के धॉवों व मवाद के स्‍त्रावों हेतु   ।

डाँ. कृष्णभूषण सिंह चन्देल

मो.9926436304

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